सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि देख मुझे अत्यंत दुःख होता है। लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हम हर वर्ष हजारों लोगों को खो देते हैं। ऐसी दुर्घटनाओं में स्वस्थ लोगों की अकाल मृत्यु अपने पीछे शोक संतप्त परिवार छोड़ जाती है। सामूहिक दायित्व एवं सजगता से इस स्थिति को बदला जा सकता है।
31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित कर रहे हैं। यह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है। हमारा लक्ष्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के सड़क-व्यवहार में परिवर्तन लाना है। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाने के लिए प्रदेश के 20 दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य भर की सड़कों पर 3 हजार से अधिक ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस अभियान को ५ बिंदुओं के आधार पर संचालित किया जा रहा है- शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल।
प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुगम-सुरक्षित हों, इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू ।